हिंदी व्याकरण
वर्णमाला किसे कहते हैं?
वर्णों के क्रमबद्ध समूह को वर्णमाला कहते हैं |
शब्द किसे कहते हैं ?
दो या दो से अधिक वर्णों के समूह को वर्णमाला कहते हैं|
देशज शब्द क्या हैं ?
जो शब्द देश में बोली जाने वाली भाषाओं तथा बोलियों में प्रयोग हैं उन्हें देशज शब्द कहा जाता है | जैसे :- रोटी, लोटा, पगड़ी इत्यादि |
विदेशी (विदेशज) शब्द किन शब्दों को कहा जाता है ?
वे शब्द जो दुसरे देशों की भाषाओं के हैं तथा उन्हें हिंदी भाषा में प्रयोग किया जाता है | इन्हें विदेशी शब्द कहा जाता है | जैसे :- ड्राईवर, स्कूल, पेन |
संकर शब्द किसे कहते हैं ?
जो शब्द अलग-अलग भाषाओं के मेल से बनते हैं वे शब्द संकर शब्द कहलाते हैं | जैसे :- रेलगाड़ी = रेल + गाड़ी | रेल=अंग्रेजी, गाड़ी=हिंदी |
तत्सम शब्द किसे कहते हैं ?
वे शब्द जो संस्कृत भाषा के हैं और उन्हें बिना किसी बदलाव के सीधे हिंदी भाषा में प्रयोग किया जाता है तत्सम शब्द कहलाते हैं | जैसे :- अग्नि, उत्साह, जल आदि |
तद्भव शब्द किसे कहते हैं ?
संस्कृत भाषा के वे शब्द जो अपना मूल रूप बदल कर प्रयोग किये जाते हैं | तद्भव शब्द कहलाते हैं | जैसे :- घृत से घी, सूर्य से सूरज |
रूढ़ शब्द कौन से शब्द होते हैं ?
वे शब्द जिनके खंड नहीं किये जा सकते अर्थात उन शब्दों को तोड़ कर कोई अन्य अर्थ न निकलता हो | उन शब्दों को रूढ़ शब्द कहा जाता है | जैसे :- कल, रात, हाथी, घर आदि |
यौगिक शब्द क्या हैं ?
दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों के मेल से बनने वाले शब्द यौगिक शब्द कहलाते हैं |
जैसे :- देवालय
देव = देवता का, आलय = घर अर्थात देवता का घर |
विद्यालय
विद्या = पढाई/ज्ञान
आलय = घर अर्थात ज्ञान का घर |
आलय = घर अर्थात ज्ञान का घर |
योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं ?
वे शब्द जो दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया अर्थ देते हैं, पर हर खंड का अर्थ अलग होता है | जैसे :- जलज = जल+ज - जल में उत्पन्न
भूमिज = भूमि + ज - भूमि में उत्पन्न
विकारी शब्द कैसे शब्द होते हैं ?
विकारी शब्द वह शब्द होते हैं जो किसी मूल शब्द ( धातु या मूल शब्द )से बने होते हैं और उनके अर्थ, रूप या लिंग में परिवर्तन हुआ हो। ये शब्द अर्थ और वाक्य में प्रयोग के हिसाब से बदलते रहते हैं।उदाहरण: धातु: 'भू' होना / होना विकारी शब्द: भूता, भूयात, भवति
अविकारी शब्द कैसे शब्द होते हैं ?
अविकारी शब्द वह शब्द होते हैं जो कभी भी अपने रूप में परिवर्तित नहीं होते। इन शब्दों का रूप स्थिर रहता है। ये शब्द लिंग, वचन या कारक के अनुसार बदलते नहीं हैं | इन्हें अव्यय शब्द भी कहा जाता है |उदाहरण:
अविकारी शब्द अर्थ
गुरु शिक्षक
सूरज सूर्य
चाँद चंद्रमा
एकार्थी शब्द कौन से शब्द होते हैं ?
एकार्थी शब्द वह शब्द होते हैं जिनका केवल एक ही अर्थ होता है। इन शब्दों को किसी अनुसार समझने में कोई भ्रम नहीं होता।
जैसे : - सूरज, चाँद, नदी |
अनेकार्थी शब्द कौन से शब्द होते हैं
अनेकार्थी शब्द वह शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं। इन्हें बहुआर्थी शब्द भी कहा जाता है।
जैसे :- कल = Yesterday (कल) कल = Tomorrow (भविष्य) कल = समय का एक भाग,
विलोम शब्द क्या हैं?
विलोम शब्द वह शब्द होते हैं जिनका अर्थ किसी शब्द के बिलकुल विपरीत होता है। इन्हें विपरीतार्थी शब्द भी कहा जाता है।
उदाहरण :- दिन-रात, सुख-दुःख, अमीर-गरीब, ऊँचा-नीचा
पर्यायवाची शब्द कौन से शब्द होते हैं ?
वे शब्द जिनका अर्थ किसी दुसरे शब्द के समान ही हो वे शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं | इन शब्दों को समानार्थी शब्द भी कहा जाता है |
जैसे :- सुंदर- रमणीय, शोभन, मनोहारी
विद्या- ज्ञान, शिक्षा, पठन
समय -काल, अवधि, समयावधि
समुहवाची शब्द किन्हें कहते हैं ?
वे शब्द जो किसी एक से अधिक व्यक्तियों अथवा वस्तुओं का बोध कराये ऐसे शब्दों को समुहवाची शब्द कहा जाता है |
जैसे :- ढेर, सेना, गुच्छा, भीड़, टीम आदि |
श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द किन्हें कहा जाता है ?
इन्हें (Homophones) यानी समान उच्चारण वाले भिन्न अर्थ वाले शब्द भी कहा जा सकता है। यानी शब्द सुनने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन उनका अर्थ और प्रयोग अलग होता है।
जैसे:- उपेक्षा - अपेक्षा , आदर -निरादर
युग्म शब्द किन शब्दों को कहा जाता है ?
शब्दों का वह जोड़ा जो अर्थ को विशेष बल प्रदान करते हैं |
जैसे :- दिन-दीन (दिन -दिवस) (दीन- दुखी/ गरीब)
ध्वन्यर्थक शब्द क्या हैं?
ध्वन्यर्थक शब्द वे शब्द होते हैं जिनका अर्थ ध्वनी के माध्यम से व्यक्त होती है |
जैसे :- बिल्ली की म्याऊं-म्याऊं , कुत्ते की भौं-भौं , कौवे की काँव-काँव |

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