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"अब कोई बहाना नहीं" अभियान: लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई बढ़ाने की पहल | Current Affairs November 2024

 "अब कोई बहाना नहीं" अभियान 25 नवंबर को शुरू होगा, जिसका उद्देश्य भारत भर में लिंग आधारित हिंसा से निपटना है। यह अभियान महिला और बाल विकास मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय का संयुक्त प्रयास है, जिसे UN Women का समर्थन प्राप्त है। इस अभियान का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित रंग भवन, ऑल इंडिया रेडियो में होगा।

UN Women
यह संगठन लिंग समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण का समर्थन करता है। यह विभिन्न सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ मिलकर काम करता है। इसके प्रयास महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा जैसे मुद्दों को हल करने पर केंद्रित होते हैं।


अभियान के उद्देश्य

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाना और सार्वजनिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करना है। इसका लक्ष्य नागरिकों, सरकारी निकायों और संगठनों को इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान नागरिकों में जवाबदेही और जागरूकता बढ़ाने की कोशिश करेगा।

कार्यक्रम विवरण

शुभारंभ कार्यक्रम में महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मौजूद रहेंगी। इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी भी उपस्थित रहेंगे। यह अभियान "नई चेतना 3.0" के साथ मिलकर शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापक पहुंच बनाना है।

नई चेतना 3.0 पहल ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य लिंग आधारित हिंसा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके खिलाफ व्यापक पहुंच बनाना है। यह अभियान "अब कोई बहाना नहीं" अभियान के साथ समानांतर रूप से चलाया जाएगा।

16 दिनों की सक्रियता

25 नवंबर से 10 दिसंबर तक, दुनिया भर में लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिनों की सक्रियता आयोजित की जाएगी। यह अवधि महिला के खिलाफ हिंसा समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस से शुरू होती है और मानवाधिकार दिवस पर समाप्त होती है। यह अभियान संयुक्त राष्ट्र के "नो एक्सक्यूज़" पहल के साथ मेल खाता है, जो महिला हिंसा की बढ़ती समस्या को संबोधित करता है।

"अब कोई बहाना नहीं" अभियान भारत के लिंग आधारित हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह समाज में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल देता है।

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