भारतीय एरोस्पेस चिकित्सा समाज (ISAM) का 63वां वार्षिक सम्मेलन:
बेंगलुरु में आयोजित भारतीय एरोस्पेस चिकित्सा समाज (ISAM) अपने 63वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ एरोस्पेस मेडिसिन (IAM), बेंगलुरु में 5 से 7 दिसंबर 2024 तक किया गया । इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सैन्य और नागरिक एरोस्पेस चिकित्सा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था, साथ ही भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में मानव तत्वों (human factors) पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। यह सम्मेलन एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।

ISAM का परिचय और इतिहास :
भारतीय एरोस्पेस चिकित्सा समाज (ISAM) की स्थापना 1952 में हुई थी और यह भारत में एरोस्पेस चिकित्सा का एकमात्र पंजीकृत समाज है। समाज ने 1954 से वार्षिक वैज्ञानिक सम्मेलनों की परंपरा शुरू की थी, जिसका उद्देश्य एरोमेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना और ज्ञान का साझा करना है। ISAM के द्वारा आयोजित सम्मेलनों ने भारतीय एरोस्पेस चिकित्सा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसने विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श और सहयोग को बढ़ावा दिया है।
सम्मेलन का विषय:
इस वर्ष का विषय "अनुसंधान के लिए सहयोग करें" था । यह विषय विमानन और अंतरिक्ष चिकित्सा में साझेदारी की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सहयोग और सामूहिक समस्याओं का समाधान की ओर इस सम्मेलन ने सबका ध्यान आकर्षित किया, ताकि अनुसंधान और विकास के माध्यम से हम भविष्य में बेहतर चिकित्सा समाधान विकसित कर सकें। यह सम्मेलन विशेष रूप से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में मानव तत्वों (human factors) के महत्व को भी उजागर किया गया।
उद्घाटन और मुख्य अतिथि
सम्मेलन का उद्घाटन एयर मार्शल एस.पी. धारकर, एयर स्टाफ के उप प्रमुख, द्वारा 5 दिसंबर 2024 को किया गया। उनके नेतृत्व में इस सम्मेलन की शुरुआत एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने में मदद करेगी।
सम्मेलन की उपस्थिति और प्रारूप
इस सम्मेलन में लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सम्मेलन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित किया गया, ताकि देश-विदेश से अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। इसमें सैन्य और नागरिक विमानन के विशेषज्ञ, अनुसंधानकर्ता, और प्रशिक्षकों ने भाग लिया, जिन्होंने विमानन और अंतरिक्ष चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किये।
वैज्ञानिक पत्रों का प्रस्तुतिकरण और नेटवर्किंग
सम्मेलन में 100 से अधिक वैज्ञानिक पत्रों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसने एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान और विकास को उजागर किया। इन पत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को चर्चा और प्रस्तुतिकरण का अवसर मिलेगा, जिससे वे एक-दूसरे से सीख सकेंगे और सहयोग बढ़ा सकेंगे। सम्मेलन में नेटवर्किंग का भी महत्वपूर्ण स्थान होगा, जिससे विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकियों और नीतियों पर विचार-विमर्श कर सकेंगे।
भारत में एरोस्पेस चिकित्सा का भविष्य
इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत में एरोस्पेस चिकित्सा अनुसंधान और नीति के भविष्य को आकार देना है। इसमें विमानन और अंतरिक्ष चिकित्सा के विशेषज्ञों, सरकारी और निजी संस्थाओं, और शोधकर्ताओं के बीच विचार-विमर्श का मंच प्रदान किया जाएगा। यह सम्मेलन भारत के अंतरिक्ष मिशनों और विमानन सुरक्षा में मानवीय कारकों के प्रभाव को समझने और बेहतर चिकित्सा समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
निष्कर्ष:
ISAM का यह सम्मेलन भारत में एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देगा। यह सम्मेलन अनुसंधान, विकास, और नीति निर्माण के संदर्भ में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जो आने वाले वर्षों में एरोस्पेस चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।

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