"Desert Knight" अभ्यास, जिसे हाल ही में भारत, फ्रांस और यूएई ने शुरू किया है, एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय वायु युद्ध अभ्यास है जिसका उद्देश्य रक्षा सहयोग को मजबूत करना और भागीदार देशों की वायु सेनाओं की क्षमता को जटिल युद्ध स्थितियों में एकजुट होकर काम करने के लिए बढ़ाना है। यह अभ्यास अरब सागर में आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य इन देशों की वायु सेनाओं के बीच सामंजस्य और सहयोग को बढ़ाना है, जिससे सैन्य संबंधों को और गहरा किया जा सके।
अभ्यास के विवरण:
स्थान:"Desert Knight" अभ्यास कराची से 350-400 किमी दक्षिण-पश्चिम में, अरब सागर के ऊपर आयोजित किया जा रहा है। यह स्थान वायु युद्ध सिमुलेशन और संयुक्त प्रशिक्षण संचालन के लिए एक रणनीतिक सेटिंग प्रदान करता है, जो भागीदार सेनाओं के लिए विभिन्न पर्यावरणीय चुनौतियां पेश करता है।
अवधि:
यह अभ्यास तीन दिन तक चलेगा, जिसके दौरान तीन देशों की वायु सेनाएं विभिन्न युद्धाभ्यासों में भाग लेंगी, जिनमें लड़ाकू संचालन, वायु-से-वायु युद्ध, हवा में ईंधन भरना और एकीकृत निगरानी संचालन शामिल हैं।
- भारतीय वायु सेना (IAF): भारतीय वायु सेना ने Sukhoi-30MKI, Jaguar लड़ाकू विमान, IL-78 हवा में ईंधन भरने वाले विमान और AEW&C (एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल) प्रणालियों को इस अभ्यास में शामिल किया है। ये उन्नत प्लेटफार्म लंबी दूरी के युद्ध संचालन और सटीक हमलों को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
- फ्रांसीसी वायु सेना: फ्रांसीसी वायु सेना Rafale लड़ाकू विमान भेज रही है, जो वायु युद्ध में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और NATO बलों के साथ समन्वय के लिए जानी जाती है। ये विमान वायु श्रेष्ठता और जमीनी हमलों में विशेषज्ञता प्राप्त करेंगे।
- यूएई वायु सेना: यूएई Mirage 2000-9 लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रहा है, जो वायु रक्षा और जमीनी हमलों में उन्नत क्षमताएं प्रदान करेंगे।
अभ्यास के उद्देश्य:
"Desert Knight" अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीन देशों की वायु सेनाओं के बीच संचालन संबंधी सामंजस्य को बढ़ाना है। भागीदार सेनाएं निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने की कोशिश करेंगी:
- संयुक्त युद्ध संचालन और संचार प्रोटोकॉल में सुधार।
- विमानों, प्रणालियों और रणनीतियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना।
- जटिल युद्ध परिस्थितियों में क्षमताओं को तेज करना, जिसमें वायु-से-वायु संघर्ष, रक्षा और आक्रामक मिशन, और हवा में ईंधन भरने का समन्वय शामिल है।
- रणनीतिक सैन्य संबंधों को मजबूत करना और भारत, फ्रांस और यूएई के बीच भविष्य के रक्षा सहयोग के लिए एक मजबूत नींव तैयार करना।
- वायु युद्ध परिदृश्य: वायु-से-वायु और वायु-से-जमीन युद्ध के सिमुलेशन, जिनसे रणनीतियों और प्रौद्योगिकियों के समन्वय की जांच की जाएगी।
- हवा में ईंधन भरना: हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया में सुधार के लिए अभ्यास, जिससे विमानों को लंबी अवधि और दूरी तक संचालन करने में मदद मिल सके।
- निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी: AEW&C प्रणालियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जो स्थितीय जागरूकता में सुधार और संभावित खतरों से पहले चेतावनी देने में मदद करेंगी।
अभ्यास का महत्व:
- रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना: इस अभ्यास से भारत, फ्रांस और यूएई के बीच रक्षा संबंध मजबूत होने की उम्मीद है, जो भविष्य के संयुक्त संचालन में निरंतर सहयोग का एक मंच तैयार करेगा।
- संचालन तत्परता में सुधार: इस प्रकार के संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से तीनों देश अपनी संचालन तत्परता को बढ़ा रहे हैं, ताकि वे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब दे सकें।
- आपसी शिक्षा: यह अभ्यास इन देशों की वायु सेनाओं को श्रेष्ठ अभ्यास और युद्ध रणनीतियों को साझा करने का अवसर देगा, जिससे उनकी व्यक्तिगत और सामूहिक क्षमताओं में और सुधार होगा।
व्यापक प्रभाव:
"Desert Knight" अभ्यास उन देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच हो रहा है, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और मध्य पूर्व में रक्षा सहयोग को लेकर। यह अभ्यास भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति को भी दर्शाता है, क्योंकि यह फ्रांस और यूएई के साथ अपने रक्षा संबंधों को मजबूत कर रहा है, जो भारत की रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। यह अभ्यास देशों के बीच बहुपक्षीय रक्षा साझेदारी बनाने की व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
संक्षेप
"Desert Knight" केवल एक द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय अभ्यास नहीं है, बल्कि यह गहरे रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने, तकनीकी प्रगति को साझा करने और भविष्य के संयुक्त मिशनों के लिए तैयारी करने की एक महत्वपूर्ण दिशा है। यह घटना भारत, फ्रांस और यूएई के बीच चल रही सैन्य कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।


0 Comments