भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2024-25 में प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। मंत्रालय आवास योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित करने की योजना बना रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को सस्ती और सुरक्षित आवास प्रदान करना है।
PMAY-G का परिचय
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को किफायती आवास प्रदान करना है। इसे 2016 में शुरू किया गया था और इसका मुख्य ध्यान पक्के घरों के निर्माण पर है, जो बुनियादी सुविधाओं से लैस हों। इस योजना को 2024 से 2029 तक पांच साल के लिए विस्तार दिया गया है, और इस दौरान दो करोड़ घरों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना सरकार के "सबके लिए घर" के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हाल के विकास
हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें कहा गया कि मंत्रालय जनवरी 2025 तक 10 लाख घरों को मंजूरी देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस पहल के तहत, मंत्रालय पहले किस्त के रूप में लाभार्थियों को राशि जारी करेगा। मासिक लक्ष्य तय करने की प्रतिबद्धता से यह सुनिश्चित होगा कि आवास योजना प्रभावी तरीके से लागू हो। 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए PMAY-G के लिए
54,500 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया गया है, जो इस पहल को समर्थन देने के लिए है।
बजट आवंटन और वित्तीय समर्थन
PMAY-G के लिए वित्तीय समर्थन में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए आवंटन अब तक का सबसे बड़ा है, जो 54,500 करोड़ रुपये है। इस बजट का उद्देश्य घरों के निर्माण को सुगम बनाना और गरीबी उन्मूलन के समग्र लक्ष्य को समर्थन देना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह राशि प्रभावी रूप से खर्च हो और इसका लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।
संबंधित योजनाओं की समीक्षा
मंत्रालय अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की भी समीक्षा कर रहा है, जैसे
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) और प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)। ये योजनाएं PMAY-G के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे में सुधार करती हैं। इन पहलों का समेकन समग्र ग्रामीण विकास को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
PMAY-G के प्रमुख पहलू
PMAY-G का लक्ष्य 2029 तक दो करोड़ घरों का निर्माण करना है। इसके लिए 54,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। इसके साथ ही, ग्रामीण रोजगार की वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी योजनाओं को भी लागू किया जा रहा है। यह योजना 2016 में शुरू हुई थी और ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती आवास की जरूरत को पूरा करने में सहायक साबित हो रही है।
भविष्य के लक्ष्य और दृष्टिकोण
ग्रामीण विकास मंत्रालय का दृष्टिकोण है कि भविष्य में सभी ग्रामीण परिवारों के पास सुरक्षित और स्थिर आवास हो। PMAY-G और संबंधित योजनाओं के तहत चल रही कोशिशें इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार और ग्रामीण गरीबी से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं का समग्र उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।
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