राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 4 अक्टूबर, 2024 को राजस्थान के मंगढ़ धाम में पहले आदि गौरव सम्मान समारोह में शामिल हुईं थी । राजस्थान सरकार ने आदि गौरव सम्मान पुरस्कार की स्थापना की थी, जिसमें तीन श्रेणियाँ हैं: आदिरत्न, आदि सेवा, और आदि ग्रामोत्थान गौरव सम्मान।
आदिरत्न गौरव सम्मान खेल, शिक्षा और संस्कृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनुसूचित जनजाति के
सदस्यों को प्रदान किया जाता है।
क्या है आदि गौरव सम्मान ?
आदि ग्रामोत्थान गौरव सम्मान और आदि सेवा गौरव सम्मान। राज्य के किसी भी अनुसूचित जनजाति के सदस्य को, जो खेल, शिक्षा,
साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आजीविका आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है, आदिरत्न गौरव सम्मान प्रदान किया
जाता है। विजेता को एक ट्रॉफी, एक प्रशस्ति पत्र और 20,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा जनजाति समुदाय के लोगों की बहुमुखी भूमिका को प्रोत्साहित कर समाज में अनुकरणीय उदाहरण
प्रस्तुत करने की दृष्टि से ‘‘आदि गौरव सम्मान’’ प्रारंभ किया गया है। जिसे 2024 अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में समारोहपूर्वक
प्रदान किया गया था।
सरकार द्वारा अनुमोदित योजना के दिशा-निर्देशों
के अनुसार सम्मान तीन श्रेणियों में दिया जाना प्रस्तावित ये होंगी श्रेणियां
1. आदिरत्न गौरव सम्मान - यह सम्मान खेल, शिक्षा, साहित्य एवं संस्कृति तथा विज्ञान, तकनीकी, आजीविका आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य
करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के लिए दिया जाता है ।
2. आदिसेवा गौरव सम्मान - अनुसूचित जनजातियों के लिए व्यक्ति, पंचायतीराज संस्थाओं, गैर सरकारी/स्वैच्छिक संगठनों तथा समुदाय
आधारित समूह / संगठनों द्वारा प्रदान की गई अनुकरणीय सामुदायिक सेवा के लिए।
3. आदिग्रामोत्थान गौरव सम्मान - अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान करने वाली
ग्राम पंचायत/ पंचायत समिति/जिला परिषद के लिए प्रस्तावित है।
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