आतंकवाद विरोधी सम्मेलन 2024 में आधुनिक आतंकवाद से उत्पन्न तत्काल चुनौतियों पर चर्चा की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन खतरों से निपटने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाना है।
चुनौतियाँ तथा उनका निपटान
वर्तमान समय में आतंकवाद एक सीमाहीन घटना के रूप में विकसित हो गया है। दुनिया भर की सरकारों को इन खतरों की पहचान करने और उनका मुकाबला करने में बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अमित शाह ने आतंकवाद से निपटने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया। प्रशिक्षण में उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य उभरते खतरों के खिलाफ परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है।
एक राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति विकसित की जाएगी। यह नीति आतंकवाद के खिलाफ भविष्य की कार्रवाइयों का मार्गदर्शन करेगी। इसका लक्ष्य विभिन्न एजेंसियों के बीच एक समन्वित प्रतिक्रिया तैयार करना होगा। सक्रिय उपायों और रणनीतिक योजना पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मुख्य रूप से राज्य के अधिकार क्षेत्र में आती है। शाह ने कहा कि राज्य पुलिस इस लड़ाई में महत्वपूर्ण है। केंद्रीय एजेंसियां खुफिया जानकारी और संसाधनों सहित सहायता प्रदान करेंगी। सफलता के लिए राज्य और केंद्रीय बलों के बीच सहयोग आवश्यक है।
उद्देश्य
आतंकवाद विरोधी सम्मेलन का उद्देश्य समन्वित कार्रवाई को प्रोत्साहित करना है। यह 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण को लागू करना चाहता है। सम्मेलन भविष्य के नीति विकास के लिए अंतर्दृष्टि उत्पन्न करेगा। प्रभावी आतंकवाद विरोधी रणनीतियों के लिए हितधारकों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।
पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि
अमित शाह ने सेवा के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 36,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रीय सुरक्षा को कायम रखने में उनका बलिदान बहुत महत्वपूर्ण है। यह पहचान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कानून के सामने आने वाले खतरों पर जोर देती है।

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