बॉक्सर मनदीप जांगड़ा ने वर्ल्ड बॉक्सिंग फेडरेशन का सुपर फेदरवेट विश्व खिताब जीता। इस मुकाबले में उन्होंने केमैन आइलैंड में ब्रिटिश बॉक्सर कॉनर मैकिन्टोश को हराकर यह जीत हासिल की। यह जीत मनदीप जांगड़ा के करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
मनदीप जांगड़ा तथा कॉनर मैकिन्टोश का यह मुकाबला 10 राउंड तक चला। मनदीप ने अधिकांश राउंड में जोरदार मुक्कों से दबदबा बनाये रखा। उन्होंने पूरी लड़ाई के दौरान अपनी सहनशक्ति और नियंत्रण बनाए रखा। इसके विपरीत, कॉनर मैकिन्टोश को मनदीप जांगड़ा को रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा। मैकिन्टोश के प्रयासों के बावजूद, जांगड़ा ने लगातार बढ़त बनाए रखी।
कौन हैं मनदीप जांगड़ा
मनदीप जांगड़ा हरियाणा के 31 वर्षीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने 2021 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। मनदीप जांगड़ा पूर्व ओलंपिक रजत पदक विजेता रॉय जोन्स जूनियर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। उनके पेशेवर रिकॉर्ड में केवल एक ही हार हुई है, जो उनके कौशल और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
मंदीप जांगड़ा की हालिया खिताबी जीत भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उनकी सफलता की कहानी खेल में दृढ़ता और समर्थन के महत्व को रेखांकित करती है। अपने करियर को जारी रखते हुए, जांगड़ा भारत में कई महत्वाकांक्षी मुक्केबाजों के लिए एक आदर्श बन गए हैं।
जांगड़ा का मानना है कि यह जीत भारतीय मुक्केबाजों को पेशेवर करियर की ओर प्रेरित करेगी। उनका कहना है कि उचित प्रचारकों और प्रबंधकों के साथ भारतीय मुक्केबाज भी वर्ल्ड चैंपियनशिप तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजों में बहुत बड़ी प्रतिभा और क्षमता है।

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